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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2471

नंबर 2471किताब 37, नंबर 57
حَدَّثَنَا هَارُونُ بْنُ إِسْحَاقَ الْهَمْدَانِيُّ، حَدَّثَنَا عَبْدَةُ، عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ إِنْ كُنَّا آلَ مُحَمَّدٍ نَمْكُثُ شَهْرًا مَا نَسْتَوْقِدُ بِنَارٍ إِنْ هُوَ إِلاَّ الْمَاءُ وَالتَّمْرُ ‏.‏ قَالَ هَذَا حَدِيثٌ صَحِيحٌ ‏.‏
Aishah narrated:"We, the family of Muhammad, would go for a month without kindling a fire, having only water and dates
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • SahihBashar Awad Maarouf
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · Chapters on the description of the Day of Judgement, Ar-Riqaq, and Al-Wara'

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।