सीधे कंटेंट पर जाएँ
जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2400

नंबर 2400किताब 36, नंबर 98
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مُعَاوِيَةَ الْجُمَحِيُّ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ مُسْلِمٍ، حَدَّثَنَا أَبُو ظِلاَلٍ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ إِنَّ اللَّهَ يَقُولُ إِذَا أَخَذْتُ كَرِيمَتَىْ عَبْدِي فِي الدُّنْيَا لَمْ يَكُنْ لَهُ جَزَاءٌ عِنْدِي إِلاَّ الْجَنَّةَ ‏"‏ ‏.‏ وَفِي الْبَابِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ وَزَيْدِ بْنِ أَرْقَمَ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ مِنْ هَذَا الْوَجْهِ ‏.‏ وَأَبُو ظِلاَلٍ اسْمُهُ هِلاَلٌ ‏.‏
Anas bin Malik narrated that the Messenger of Allah(s.a.w) said:"Indeed Allah [Most High] said: 'When I take My slave's sight in the world, then there shall be no reward for him with Me except Paradise
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 36 · Chapters On Zuhd

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।