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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2371

नंबर 2371किताब 36, नंबर 68
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ أَبِي زِيَادٍ، حَدَّثَنَا سَيَّارُ بْنُ حَاتِمٍ، عَنْ سَهْلِ بْنِ أَسْلَمَ، عَنْ يَزِيدَ بْنِ أَبِي مَنْصُورٍ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، عَنْ أَبِي طَلْحَةَ، قَالَ شَكَوْنَا إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم الْجُوعَ وَرَفَعْنَا عَنْ بُطُونِنَا عَنْ حَجَرٍ حَجَرٍ فَرَفَعَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم عَنْ حَجَرَيْنِ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ غَرِيبٌ لاَ نَعْرِفُهُ إِلاَّ مِنْ هَذَا الْوَجْهِ ‏.‏
Anas bin Malik narrated from Abu Talhah who said:"We complained to the Messenger of Allah(s.a.w) of hunger and we raised(our garments ) from our stomachs (exposing) a stone (on each of us). So the Messenger of Allah(s.a.w) raised (his garment exposing) two stones
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAhmad Muhammad Shakir
  • DaifAl-Albani
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 36 · Chapters On Zuhd

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।