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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2370

नंबर 2370किताब 36, नंबर 67
حَدَّثَنَا صَالِحُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، حَدَّثَنَا أَبُو عَوَانَةَ، عَنْ عَبْدِ الْمَلِكِ بْنِ عُمَيْرٍ، عَنْ أَبِي سَلَمَةَ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم خَرَجَ يَوْمًا وَأَبُو بَكْرٍ وَعُمَرُ فَذَكَرَ نَحْوَ هَذَا الْحَدِيثِ وَلَمْ يَذْكُرْ فِيهِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ وَحَدِيثُ شَيْبَانَ أَتَمُّ مِنْ حَدِيثِ أَبِي عَوَانَةَ وَأَطْوَلُ ‏.‏ وَشَيْبَانُ ثِقَةٌ عِنْدَهُمْ صَاحِبُ كِتَابٍ ‏.‏ وَقَدْ رُوِيَ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ هَذَا الْحَدِيثُ مِنْ غَيْرِ هَذَا الْوَجْهِ وَرُوِيَ عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ أَيْضًا ‏.‏
Abu Salamah bin 'Abdur-Rahman narrated that:the Messenger of Allah(s.a.w) went out one day accompained by Abu Bakr and 'Umar. And he mentioned similar to Hadith( no 2369) in meaning, but he did not mention "from Abu Hurairah" in it
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 36 · Chapters On Zuhd

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।