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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2239

नंबर 2239किताब 33, नंबर 82
حَدَّثَنَا مَحْمُودُ بْنُ غَيْلاَنَ، حَدَّثَنَا أَبُو دَاوُدَ، عَنْ شُعْبَةَ، عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، قَالَ فَتْحُ الْقُسْطُنْطِينِيَّةِ مَعَ قِيَامِ السَّاعَةِ ‏.‏ قَالَ هَذَا حَدِيثٌ غَرِيبٌ ‏.‏ وَالْقُسْطَنْطِينِيَّةُ هِيَ مَدِينَةُ الرُّومِ تُفْتَحُ عِنْدَ خُرُوجِ الدَّجَّالِ وَالْقُسْطَنْطِينِيَّةُ قَدْ فُتِحَتْ فِي زَمَانِ بَعْضِ أَصْحَابِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم ‏.‏
Anas bin Malik said:"Constantinople will be conquered with the coming of the Hour
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih Isnaad MauqufAhmad Muhammad Shakir
  • Sahih Isnaad MauqufAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 33 · Chapters On Al-Fitan

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।