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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2238

नंबर 2238किताब 33, नंबर 81
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، أَخْبَرَنَا الْحَكَمُ بْنُ الْمُبَارَكِ، حَدَّثَنَا الْوَلِيدُ بْنُ مُسْلِمٍ، عَنْ أَبِي بَكْرِ بْنِ أَبِي مَرْيَمَ، عَنِ الْوَلِيدِ بْنِ سُفْيَانَ، عَنْ يَزِيدَ بْنِ قُطَيْبٍ السَّكُونِيِّ، عَنْ أَبِي بَحْرِيَّةَ، صَاحِبِ مُعَاذٍ عَنْ مُعَاذِ بْنِ جَبَلٍ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ الْمَلْحَمَةُ الْعُظْمَى وَفَتْحُ الْقُسْطَنْطِينِيَّةِ وَخُرُوجُ الدَّجَّالِ فِي سَبْعَةِ أَشْهُرٍ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى وَفِي الْبَابِ عَنِ الصَّعْبِ بْنِ جَثَّامَةَ وَعَبْدِ اللَّهِ بْنِ بُسْرٍ وَعَبْدِ اللَّهِ بْنِ مَسْعُودٍ وَأَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ ‏.‏ وَهَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ لاَ نَعْرِفُهُ إِلاَّ مِنْ هَذَا الْوَجْهِ ‏.‏
Abu Bahriyyah, a Companion of Mu'adh bin Jabal narrated that the Prophet(s.a.w) said:"The great Malhamah, the conquest of Constantinople, and the coming of the Dajjal occur in (the span of) seven months
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAhmad Muhammad Shakir
  • DaifAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 33 · Chapters On Al-Fitan

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।