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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 475

नंबर 475किताब 3, नंबर 23
حَدَّثَنَا أَبُو جَعْفَرٍ السِّمْنَانِيُّ، حَدَّثَنَا أَبُو مُسْهِرٍ، حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ عَيَّاشٍ، عَنْ بَحِيرِ بْنِ سَعْدٍ، عَنْ خَالِدِ بْنِ مَعْدَانَ، عَنْ جُبَيْرِ بْنِ نُفَيْرٍ، عَنْ أَبِي الدَّرْدَاءِ، وَأَبِي، ذَرٍّ عَنْ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ عَنِ اللَّهِ، عَزَّ وَجَلَّ أَنَّهُ قَالَ ابْنَ آدَمَ ارْكَعْ لِي مِنْ أَوَّلِ النَّهَارِ أَرْبَعَ رَكَعَاتٍ أَكْفِكَ آخِرَهُ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ ‏.‏
Jubair narrated from Abu Ad-Darda, or Abu Dharr, that :Allah's Messenger narrated that Allah, Blessed and Most High said: "Son of Adam: Perform four Rak'ah for Me in the beginning of the day it will suffice you for the latter part of it
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 3 · The Book on Al-Witr

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।