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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2052

नंबर 2052किताब 28, नंबर 17
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ بُدَيْلِ بْنِ قُرَيْشٍ الْيَامِيُّ الْكُوفِيُّ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ فُضَيْلٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ إِسْحَاقَ، عَنِ الْقَاسِمِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، هُوَ ابْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مَسْعُودٍ عَنْ أَبِيهِ، عَنِ ابْنِ مَسْعُودٍ، قَالَ حَدَّثَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم عَنْ لَيْلَةَ، أُسْرِيَ بِهِ أَنَّهُ لَمْ يَمُرَّ عَلَى مَلإٍ مِنَ الْمَلاَئِكَةِ إِلاَّ أَمَرُوهُ أَنْ مُرْ أُمَّتَكَ بِالْحِجَامَةِ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى وَهَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ مِنْ حَدِيثِ ابْنِ مَسْعُودٍ ‏.‏
Ibn Mas'ud said:"The Messenger of Allah (S.A.W) narrated about the Night of Isra', saying that he did not pass an assembly of angels except that they ordered him: 'Order cupping among your Ummah
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 28 · Chapters on Medicine

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।