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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2051

नंबर 2051किताब 28, नंबर 16
حَدَّثَنَا عَبْدُ الْقُدُّوسِ بْنُ مُحَمَّدٍ، قَالَ حَدَّثَنَا عَمْرُو بْنُ عَاصِمٍ، قَالَ حَدَّثَنَا هَمَّامٌ، وَجَرِيرُ بْنُ حَازِمٍ، قَالاَ حَدَّثَنَا قَتَادَةُ، عَنْ أَنَسٍ، قَالَ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَحْتَجِمُ فِي الأَخْدَعَيْنِ وَالْكَاهِلِ وَكَانَ يَحْتَجِمُ لِسَبْعَ عَشْرَةَ وَتِسْعَ عَشْرَةَ وَإِحْدَى وَعِشْرِينَ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى وَفِي الْبَابِ عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ وَمَعْقِلِ بْنِ يَسَارٍ ‏.‏ وَهَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صحيح ‏.‏
Anas narrated:"The Prophet (S.A.W) would get cupped in his jugular veins and his upper back. And he would get cupped on the seventeenth (of the month), (or) the nineteenth, and (or) the twenty first
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 28 · Chapters on Medicine

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।