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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2019

नंबर 2019किताब 27, नंबर 125
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، حَدَّثَنَا أَبُو عَامِرٍ، عَنْ كَثِيرِ بْنِ زَيْدٍ، عَنْ سَالِمٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، قَالَ قَالَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم ‏"‏ لاَ يَكُونُ الْمُؤْمِنُ لَعَّانًا ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى وَفِي الْبَابِ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مَسْعُودٍ ‏.‏ وَهَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ ‏.‏ وَرَوَى بَعْضُهُمْ بِهَذَا الإِسْنَادِ عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏"‏ لاَ يَنْبَغِي لِلْمُؤْمِنِ أَنْ يَكُونَ لَعَّانًا ‏"‏ ‏.‏ وَهَذَا الْحَدِيثُ مُفَسِّرٌ ‏.‏
Ibn 'Umar narrated that the Messenger of Allah said:"The believer is not one who curses others
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • HasanBashar Awad Maarouf
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 27 · Chapters on Righteousness And Maintaining Good Relations With Relatives

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।