सीधे कंटेंट पर जाएँ
जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2018

नंबर 2018किताब 27, नंबर 124
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ الْحَسَنِ بْنِ خِرَاشٍ الْبَغْدَادِيُّ، حَدَّثَنَا حَبَّانُ بْنُ هِلاَلٍ، حَدَّثَنَا مُبَارَكُ بْنُ فَضَالَةَ، حَدَّثَنِي عَبْدُ رَبِّهِ بْنُ سَعِيدٍ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ الْمُنْكَدِرِ، عَنْ جَابِرٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏"‏ إِنَّ مِنْ أَحَبِّكُمْ إِلَىَّ وَأَقْرَبِكُمْ مِنِّي مَجْلِسًا يَوْمَ الْقِيَامَةِ أَحَاسِنَكُمْ أَخْلاَقًا وَإِنَّ أَبْغَضَكُمْ إِلَىَّ وَأَبْعَدَكُمْ مِنِّي مَجْلِسًا يَوْمَ الْقِيَامَةِ الثَّرْثَارُونَ وَالْمُتَشَدِّقُونَ وَالْمُتَفَيْهِقُونَ ‏"‏ ‏.‏ قَالُوا يَا رَسُولَ اللَّهِ قَدْ عَلِمْنَا الثَّرْثَارُونَ وَالْمُتَشَدِّقُونَ فَمَا الْمُتَفَيْهِقُونَ قَالَ ‏"‏ الْمُتَكَبِّرُونَ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى وَفِي الْبَابِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ ‏.‏ وَهَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ مِنْ هَذَا الْوَجْهِ ‏.‏ وَرَوَى بَعْضُهُمْ هَذَا الْحَدِيثَ عَنِ الْمُبَارَكِ بْنِ فَضَالَةَ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ الْمُنْكَدِرِ عَنْ جَابِرٍ عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم وَلَمْ يَذْكُرْ فِيهِ عَنْ عَبْدِ رَبِّهِ بْنِ سَعِيدٍ وَهَذَا أَصَحُّ ‏.‏ وَالثَّرْثَارُ هُوَ الْكَثِيرُ الْكَلاَمِ وَالْمُتَشَدِّقُ الَّذِي يَتَطَاوَلُ عَلَى النَّاسِ فِي الْكَلاَمِ وَيَبْذُو عَلَيْهِمْ ‏.‏
जाबिर -रज़ियल्लाहु अन्हु- का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया है : "तुममें से मेरी नज़र में सबसे प्यारे और क़यामत के दिन मेरे सबसे अधिक करीब बैठने का सौभाग्य प्राप्त करने वाले लोग वह होंगे, जो आचरण के ऐतबार से तुममें सबसे अच्छे हैं। और मेरी नज़र में सबसे अधिक घृणित और क़यामत के दिन मुझसे सबसे अधिक दूर बैठने वाले लोग, बहुत अधिक बकबकाने वाले, अपनी बातों से अहंकार दर्शाने वाले और 'मुतफ़ैहिक़ून' होंगे।" सहाबा ने कहा : "हम बकबकाने वालों और अपनी बातों से अहंकार दर्शाने वालों को तो समझ गए, परन्तु 'मुतफ़ैहिक़ून' शब्द समझ में नहीं आया। आपने कहा : "घमंडी एवं अहंकारी।"

तर्जुमा: HadeethEnc.comइसकी तशरीह

स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • HasanBashar Awad Maarouf
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

जहाँ तर्जुमा शुदा नबवी हदीसों के इनसाइक्लोपीडिया (HadeethEnc.com) में किसी रिवायत का हूबहू टेक्स्ट मौजूद है, वहाँ उसका तर्जुमा उसी रिवायत के नीचे स्रोत के नाम के साथ दिखाया गया है। दोनों को प्रोग्राम के ज़रिए, सिर्फ़ अरबी टेक्स्ट की बुनियाद पर जोड़ा गया है: इनसाइक्लोपीडिया की हदीस का पूरा टेक्स्ट, उसमें दर्ज सहाबी के नाम समेत, रिवायत का आख़िरी हिस्सा है, हर्फ़-ब-हर्फ़। इस जोड़ को किसी ने नहीं जाँचा है, और सबील के जायज़ाकारों ने तर्जुमे की जाँच नहीं की है। असल टेक्स्ट अरबी है।

किताब 27 · Chapters on Righteousness And Maintaining Good Relations With Relatives

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।