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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1959

नंबर 1959किताब 27, नंबर 65
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ مُحَمَّدٍ، أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ الْمُبَارَكِ، عَنِ ابْنِ أَبِي ذِئْبٍ، قَالَ أَخْبَرَنِي عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ عَطَاءٍ، عَنْ عَبْدِ الْمَلِكِ بْنِ جَابِرِ بْنِ عَتِيكٍ، عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ إِذَا حَدَّثَ الرَّجُلُ الْحَدِيثَ ثُمَّ الْتَفَتَ فَهِيَ أَمَانَةٌ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ وَإِنَّمَا نَعْرِفُهُ مِنْ حَدِيثِ ابْنِ أَبِي ذِئْبٍ ‏.‏
Jabir bin Abdullah narrated that the Messenger of Allah said :"When a man narrates a narration, then he looks around, then it is a trust
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • HasanBashar Awad Maarouf
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 27 · Chapters on Righteousness And Maintaining Good Relations With Relatives

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।