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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1958

नंबर 1958किताब 27, नंबर 64
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ، عَنْ مَالِكِ بْنِ أَنَسٍ، عَنْ سُمَىٍّ، عَنْ أَبِي صَالِحٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ بَيْنَمَا رَجُلٌ يَمْشِي فِي طَرِيقٍ إِذْ وَجَدَ غُصْنَ شَوْكٍ فَأَخَّرَهُ فَشَكَرَ اللَّهُ لَهُ فَغَفَرَ لَهُ ‏"‏ ‏.‏ وَفِي الْبَابِ عَنْ أَبِي بَرْزَةَ وَابْنِ عَبَّاسٍ وَأَبِي ذَرٍّ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏
Abu Hurairah narrated that the Messenger of Allah said :"When a man was walking on the road, he found a thorny branch and removed it. Allah appreciated his action by forgiving him
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 27 · Chapters on Righteousness And Maintaining Good Relations With Relatives

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।