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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1624

नंबर 1624किताब 22, नंबर 6
حَدَّثَنَا زِيَادُ بْنُ أَيُّوبَ، حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ هَارُونَ، أَخْبَرَنَا الْوَلِيدُ بْنُ جَمِيلٍ، عَنِ الْقَاسِمِ أَبِي عَبْدِ الرَّحْمَنِ، عَنْ أَبِي أُمَامَةَ الْبَاهِلِيِّ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ مَنْ صَامَ يَوْمًا فِي سَبِيلِ اللَّهِ جَعَلَ اللَّهُ بَيْنَهُ وَبَيْنَ النَّارِ خَنْدَقًا كَمَا بَيْنَ السَّمَاءِ وَالأَرْضِ ‏"‏ ‏.‏ هَذَا حَدِيثٌ غَرِيبٌ مِنْ حَدِيثِ أَبِي أُمَامَةَ ‏.‏
Narrated Abu Umamah Al-Bahili: That the Prophet (ﷺ) said, "Whoever fasts a day in the cause of Allah, Allah shall put between him and the Fire a trench whose distance is like that between the heavens and the earth." This Hadith is Gharib as a narration of Abu Umamah
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan SahihAhmad Muhammad Shakir
  • Hasan SahihAl-Albani
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book on Virtues of Jihad

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।