सीधे कंटेंट पर जाएँ
जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1623

नंबर 1623किताब 22, नंबर 5
حَدَّثَنَا سَعِيدُ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ الْمَخْزُومِيُّ، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ الْوَلِيدِ الْعَدَنِيُّ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ الثَّوْرِيُّ، قَالَ وَحَدَّثَنَا مَحْمُودُ بْنُ غَيْلاَنَ، حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ مُوسَى، عَنْ سُفْيَانَ، عَنْ سُهَيْلِ بْنِ أَبِي صَالِحٍ، عَنِ النُّعْمَانِ بْنِ أَبِي عَيَّاشٍ الزُّرَقِيِّ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ لاَ يَصُومُ عَبْدٌ يَوْمًا فِي سَبِيلِ اللَّهِ إِلاَّ بَاعَدَ ذَلِكَ الْيَوْمُ النَّارَ عَنْ وَجْهِهِ سَبْعِينَ خَرِيفًا ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏
Narrated Abu Sa’id Al Khudri : That the Prophet (ﷺ) said: "A worshipper does not fast a day in the cause of Allah except that, that day (of fasting) distances the Fire from his face by seventy autumns." [Abu 'Eisa said:] This Hadith is Hasan Sahih
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book on Virtues of Jihad

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।