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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 278

नंबर 278किताब 2, नंबर 130
قَالَ عَبْدُ اللَّهِ وَقَالَ مُعَلَّى بْنُ أَسَدٍ حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ مَسْعَدَةَ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ عَجْلاَنَ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ إِبْرَاهِيمَ، عَنْ عَامِرِ بْنِ سَعْدٍ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم أَمَرَ بِوَضْعِ الْيَدَيْنِ فَذَكَرَ نَحْوَهُ وَلَمْ يَذْكُرْ فِيهِ عَنْ أَبِيهِ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى وَرَوَى يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ الْقَطَّانُ وَغَيْرُ وَاحِدٍ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ عَجْلاَنَ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ إِبْرَاهِيمَ عَنْ عَامِرِ بْنِ سَعْدٍ أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم أَمَرَ بِوَضْعِ الْيَدَيْنِ وَنَصْبِ الْقَدَمَيْنِ ‏.‏ مُرْسَلٌ وَهَذَا أَصَحُّ مِنْ حَدِيثِ وُهَيْبٍ ‏.‏ وَهُوَ الَّذِي أَجْمَعَ عَلَيْهِ أَهْلُ الْعِلْمِ وَاخْتَارُوهُ ‏.‏
(Another chain that) Amir bin Sa'd narrated:"The Prophet ordered placing the hands (on the ground)." And he mentioned in it: "From his father
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan LighairihiAhmad Muhammad Shakir
  • HasanAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · The Book on Salat (Prayer)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।