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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 166

नंबर 166किताब 2, नंबर 18
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرٍ، مُحَمَّدُ بْنُ أَبَانَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ مَهْدِيٍّ، عَنْ أَبِي عَوَانَةَ، بِهَذَا الإِسْنَادِ نَحْوَهُ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى رَوَى هَذَا الْحَدِيثَ، هُشَيْمٌ عَنْ أَبِي بِشْرٍ، عَنْ حَبِيبِ بْنِ سَالِمٍ، عَنِ النُّعْمَانِ بْنِ بَشِيرٍ، ‏.‏ وَلَمْ يَذْكُرْ فِيهِ هُشَيْمٌ عَنْ بَشِيرِ بْنِ ثَابِتٍ، ‏.‏ وَحَدِيثُ أَبِي عَوَانَةَ أَصَحُّ عِنْدَنَا لأَنَّ يَزِيدَ بْنَ هَارُونَ رَوَى عَنْ شُعْبَةَ، عَنْ أَبِي بِشْرٍ، نَحْوَ رِوَايَةِ أَبِي عَوَانَةَ ‏.‏
An-Nu'man bin Bashir said:A similar narration (from another chain linking to) this chain is also reported
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · The Book on Salat (Prayer)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।