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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1424.2

नंबर 1424.2किताब 17, नंबर 3
حَدَّثَنَا هَنَّادٌ، حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، عَنْ يَزِيدَ بْنِ زِيَادٍ، نَحْوَ حَدِيثِ مُحَمَّدِ بْنِ رَبِيعَةَ وَلَمْ يَرْفَعْهُ ‏.‏ قَالَ وَفِي الْبَابِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، وَعَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرٍو، ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ عَائِشَةَ لاَ نَعْرِفُهُ مَرْفُوعًا إِلاَّ مِنْ حَدِيثِ مُحَمَّدِ بْنِ رَبِيعَةَ عَنْ يَزِيدَ بْنِ زِيَادٍ الدِّمَشْقِيِّ عَنِ الزُّهْرِيِّ عَنْ عُرْوَةَ عَنْ عَائِشَةَ عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم ‏.‏ وَرَوَاهُ وَكِيعٌ عَنْ يَزِيدَ بْنِ زِيَادٍ نَحْوَهُ وَلَمْ يَرْفَعْهُ وَرِوَايَةُ وَكِيعٍ أَصَحُّ ‏.‏ وَقَدْ رُوِيَ نَحْوُ هَذَا عَنْ غَيْرِ وَاحِدٍ مِنْ أَصْحَابِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم أَنَّهُمْ قَالُوا مِثْلَ ذَلِكَ ‏.‏ وَيَزِيدُ بْنُ زِيَادٍ الدِّمَشْقِيُّ ضَعِيفٌ فِي الْحَدِيثِ وَيَزِيدُ بْنُ أَبِي زِيَادٍ الْكُوفِيُّ أَثْبَتُ مِنْ هَذَا وَأَقْدَمُ ‏.‏
(Another chain) which is similar to the narration of Muhammad bin Rabi'ah (a narrator in no.1424) but he did not narrate it in Marfu' form

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 17 · The Book on Legal Punishments (Al-Hudud)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।