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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1341

नंबर 1341किताब 15, नंबर 21
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ، أَنْبَأَنَا عَلِيُّ بْنُ مُسْهِرٍ، وَغَيْرُهُ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ عُبَيْدِ اللَّهِ، عَنْ عَمْرِو بْنِ شُعَيْبٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ جَدِّهِ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم قَالَ فِي خُطْبَتِهِ ‏ "‏ الْبَيِّنَةُ عَلَى الْمُدَّعِي وَالْيَمِينُ عَلَى الْمُدَّعَى عَلَيْهِ ‏"‏ ‏.‏ هَذَا حَدِيثٌ فِي إِسْنَادِهِ مَقَالٌ ‏.‏ وَمُحَمَّدُ بْنُ عُبَيْدِ اللَّهِ الْعَرْزَمِيُّ يُضَعَّفُ فِي الْحَدِيثِ مِنْ قِبَلِ حِفْظِهِ ضَعَّفَهُ ابْنُ الْمُبَارَكِ وَغَيْرُهُ ‏.‏
Amr bin Shu'aib narrated from his father, from his grandfather, that during a Khutbah, the Prophet (ﷺ) said:"The proof is due from the claimant, and the oath is due from the one the claim is made against
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · The Chapters On Judgements From The Messenger of Allah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।