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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1125

नंबर 1125किताब 11, नंबर 47
حَدَّثَنَا نَصْرُ بْنُ عَلِيٍّ الْجَهْضَمِيُّ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الأَعْلَى بْنُ عَبْدِ الأَعْلَى، حَدَّثَنَا سَعِيدُ بْنُ أَبِي عَرُوبَةَ، عَنْ أَبِي حَرِيزٍ، عَنْ عِكْرِمَةَ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم نَهَى أَنْ تُزَوَّجَ الْمَرْأَةُ عَلَى عَمَّتِهَا أَوْ عَلَى خَالَتِهَا ‏.‏ وَأَبُو حَرِيزٍ اسْمُهُ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ حُسَيْنٍ ‏.‏ حَدَّثَنَا نَصْرُ بْنُ عَلِيٍّ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الأَعْلَى، عَنْ هِشَامِ بْنِ حَسَّانَ، عَنِ ابْنِ سِيرِينَ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم بِمِثْلِهِ ‏.‏ قَالَ وَفِي الْبَابِ عَنْ عَلِيٍّ وَابْنِ عُمَرَ وَعَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرٍو وَأَبِي سَعِيدٍ وَأَبِي أُمَامَةَ وَجَابِرٍ وَعَائِشَةَ وَأَبِي مُوسَى وَسَمُرَةَ بْنِ جُنْدَبٍ ‏.‏
Ibn Abbas narrated:"The Prophet prohibited marrying a woman along with her paternal aunt or along with her maternal aunt
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • DaifAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Book on Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।