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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1124

नंबर 1124किताब 11, नंबर 46
حَدَّثَنَا إِسْحَاقُ بْنُ مُوسَى الأَنْصَارِيُّ، حَدَّثَنَا مَعْنٌ، حَدَّثَنَا مَالِكٌ، عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم نَهَى عَنِ الشِّغَارِ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏ وَالْعَمَلُ عَلَى هَذَا عِنْدَ عَامَّةِ أَهْلِ الْعِلْمِ لاَ يَرَوْنَ نِكَاحَ الشِّغَارِ ‏.‏ وَالشِّغَارُ أَنْ يُزَوِّجَ الرَّجُلُ ابْنَتَهُ عَلَى أَنْ يُزَوِّجَهُ الآخَرُ ابْنَتَهُ أَوْ أُخْتَهُ وَلاَ صَدَاقَ بَيْنَهُمَا ‏.‏ وَقَالَ بَعْضُ أَهْلِ الْعِلْمِ نِكَاحُ الشِّغَارِ مَفْسُوخٌ وَلاَ يَحِلُّ وَإِنْ جُعِلَ لَهُمَا صَدَاقًا ‏.‏ وَهُوَ قَوْلُ الشَّافِعِيِّ وَأَحْمَدَ وَإِسْحَاقَ ‏.‏ وَرُوِيَ عَنْ عَطَاءِ بْنِ أَبِي رَبَاحٍ أَنَّهُ قَالَ يُقَرَّانِ عَلَى نِكَاحِهِمَا وَيُجْعَلُ لَهُمَا صَدَاقُ الْمِثْلِ ‏.‏ وَهُوَ قَوْلُ أَهْلِ الْكُوفَةِ ‏.‏
Ibn Umar narrated:"The Prophet prohibited Shighar
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Book on Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।