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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 978

नंबर 978किताब 10, नंबर 14
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ، حَدَّثَنَا اللَّيْثُ، عَنِ ابْنِ الْهَادِ، عَنْ مُوسَى بْنِ سَرْجِسَ، عَنِ الْقَاسِمِ بْنِ مُحَمَّدٍ، عَنْ عَائِشَةَ، أَنَّهَا قَالَتْ رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم وَهُوَ بِالْمَوْتِ وَعِنْدَهُ قَدَحٌ فِيهِ مَاءٌ وَهُوَ يُدْخِلُ يَدَهُ فِي الْقَدَحِ ثُمَّ يَمْسَحُ وَجْهَهُ بِالْمَاءِ ثُمَّ يَقُولُ ‏"‏ اللَّهُمَّ أَعِنِّي عَلَى غَمَرَاتِ الْمَوْتِ ‏"‏ ‏.‏ أَوْ ‏"‏ سَكَرَاتِ الْمَوْتِ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ غَرِيبٌ ‏.‏
Aishah narrated:"I saw the Messenger of Allah while he was dying. He had a cup with water in it, he put his hand in the cup then wiped his face with the water, then said: 'O Allah! Help me with the throes of death and the agony of death
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAhmad Muhammad Shakir
  • DaifAl-Albani
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · The Book on Jana''iz (Funerals)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।