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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1014

नंबर 1014किताब 10, नंबर 50
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ الصَّبَّاحِ الْهَاشِمِيُّ، حَدَّثَنَا أَبُو قُتَيْبَةَ، عَنِ الْجَرَّاحِ، عَنْ سِمَاكٍ، عَنْ جَابِرِ بْنِ سَمُرَةَ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم اتَّبَعَ جَنَازَةَ أَبِي الدَّحْدَاحِ مَاشِيًا وَرَجَعَ عَلَى فَرَسٍ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏
Jabir bin Samurah narrated:"The Prophet followed the funeral of Ibn Ad-Dahdah walking and he returned on horseback
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · The Book on Jana''iz (Funerals)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।