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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 120

नंबर 120किताब 1, नंबर 120
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ، عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ، عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، عَنْ عُمَرَ، أَنَّهُ سَأَلَ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم أَيَنَامُ أَحَدُنَا وَهُوَ جُنُبٌ قَالَ ‏ "‏ نَعَمْ إِذَا تَوَضَّأَ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ وَفِي الْبَابِ عَنْ عَمَّارٍ وَعَائِشَةَ وَجَابِرٍ وَأَبِي سَعِيدٍ وَأُمِّ سَلَمَةَ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ عُمَرَ أَحْسَنُ شَيْءٍ فِي هَذَا الْبَابِ وَأَصَحُّ ‏.‏ وَهُوَ قَوْلُ غَيْرِ وَاحِدٍ مِنْ أَصْحَابِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم وَالتَّابِعِينَ وَبِهِ يَقُولُ سُفْيَانُ الثَّوْرِيُّ وَابْنُ الْمُبَارَكِ وَالشَّافِعِيُّ وَأَحْمَدُ وَإِسْحَاقُ قَالُوا إِذَا أَرَادَ الْجُنُبُ أَنْ يَنَامَ تَوَضَّأَ قَبْلَ أَنْ يَنَامَ ‏.‏
Umar narrated that :he asked the Prophet: "Can one of us sleep while he is Junub?" So he replied: "Yes, when he performs Wudu
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book on Purification

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।