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सुनन नसाई

नंबर 775

नंबर 775किताब 9, नंबर 34
أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ، عَنْ يَزِيدَ بْنِ زُرَيْعٍ، وَغَسَّانَ بْنِ مُضَرَ، قَالاَ حَدَّثَنَا أَبُو مَسْلَمَةَ، - وَاسْمُهُ سَعِيدُ بْنُ يَزِيدَ بَصْرِيٌّ - ثِقَةٌ قَالَ سَأَلْتُ أَنَسَ بْنَ مَالِكٍ أَكَانَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يُصَلِّي فِي النَّعْلَيْنِ قَالَ نَعَمْ ‏.‏
Abu Maslamah - whose name is Saeed bin Yazid, a trustworthy Basri - told us:"I asked Anas bin Malik: 'Did the Prophet (ﷺ) pray in sandals?' He said: 'Yes
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · The Book of the Qiblah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।