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सुनन नसाई

नंबर 766

नंबर 766किताब 9, नंबर 25
أَخْبَرَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ سَعِيدٍ، قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى، عَنْ سُفْيَانَ، قَالَ حَدَّثَنِي أَبُو حَازِمٍ، عَنْ سَهْلِ بْنِ سَعْدٍ، قَالَ كَانَ رِجَالٌ يُصَلُّونَ مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم عَاقِدِينَ أُزْرَهُمْ كَهَيْئَةِ الصِّبْيَانِ فَقِيلَ لِلنِّسَاءِ لاَ تَرْفَعْنَ رُءُوسَكُنَّ حَتَّى يَسْتَوِيَ الرِّجَالُ جُلُوسًا ‏.‏
It was narrated that Sahl bin Sa'd said:"Some men used to pray with Messenger of Allah(ﷺ) tying their lower garments tight like children, it was said to the women: 'Do not raise your heads until the men have sat up completely
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · The Book of the Qiblah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।