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सुनन नसाई

नंबर 718

नंबर 718किताब 8, नंबर 31
أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مُحَمَّدِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ الْمِسْوَرِ الزُّهْرِيُّ، - بَصْرِيٌّ - وَمُحَمَّدُ بْنُ مَنْصُورٍ قَالاَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، قَالَ قُلْتُ لِعَمْرٍو أَسَمِعْتَ جَابِرًا يَقُولُ مَرَّ رَجُلٌ بِسِهَامٍ فِي الْمَسْجِدِ فَقَالَ لَهُ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ خُذْ بِنِصَالِهَا ‏"‏ ‏.‏ قَالَ نَعَمْ ‏.‏
Sufyan said:"I said to 'Amr: 'Did you hear Jabir say: "A man passed through the Masjid carrying arrows, and the Messenger of Allah (ﷺ) said to him: 'Hold then by the blades.'? He said: 'Yes
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 8 · The Book of the Masjids

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।