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सुनन नसाई

नंबर 717

नंबर 717किताब 8, नंबर 30
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ وَهْبٍ، قَالَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ سَلَمَةَ، عَنْ أَبِي عَبْدِ الرَّحِيمِ، قَالَ حَدَّثَنِي زَيْدُ بْنُ أَبِي أُنَيْسَةَ، عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ، عَنْ جَابِرٍ، قَالَ جَاءَ رَجُلٌ يَنْشُدُ ضَالَّةً فِي الْمَسْجِدِ فَقَالَ لَهُ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ لاَ وَجَدْتَ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Jabir said:"A man came making announcement of a lost camel in the Masjid, and the Messenger of Allah (ﷺ) said: 'May you never find it
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 8 · The Book of the Masjids

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।