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सुनन नसाई

नंबर 653

नंबर 653किताब 7, नंबर 28
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ، قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ عَمْرِو بْنِ دِينَارٍ، عَنْ عَمْرِو بْنِ أَوْسٍ، يَقُولُ أَنْبَأَنَا رَجُلٌ، مِنْ ثَقِيفٍ أَنَّهُ سَمِعَ مُنَادِيَ النَّبِيِّ، صلى الله عليه وسلم يَعْنِي فِي لَيْلَةٍ مَطِيرَةٍ فِي السَّفَرِ يَقُولُ حَىَّ عَلَى الصَّلاَةِ حَىَّ عَلَى الْفَلاَحِ صَلُّوا فِي رِحَالِكُمْ ‏.‏
It was narrated that 'Amr bin Aws said:"A man of Thaqif told us that he heard the caller of the Messenger of Allah (S.A.W) on a rainy night during a journey saying: 'Hayya 'ala as-salah, Hayya 'ala al'falah, sallu fi rihalikum (Come to prayer, come to prosperity, pray in your dwellings)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih IsnaadAbu Ghuddah
  • Sahih IsnaadAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 7 · The Book of the Adhan (The Call to Prayer)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।