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सुनन नसाई

नंबर 648

नंबर 648किताब 7, नंबर 23
أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ، قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى، وَعَبْدُ الرَّحْمَنِ، قَالاَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، بِهَذَا الإِسْنَادِ نَحْوَهُ ‏.‏ قَالَ أَبُو عَبْدِ الرَّحْمَنِ وَلَيْسَ بِأَبِي جَعْفَرٍ الْفَرَّاءِ ‏.‏
Sufyan narrated a similar report with the same chain. (One of the narrators) (Abu) 'Abdur-Rahman (An-Nasai) said:"It is not Abu Ja'far Al-Farra
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 7 · The Book of the Adhan (The Call to Prayer)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।