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सुनन नसाई

नंबर 618

नंबर 618किताब 6, नंबर 125
أَخْبَرَنَا عَبْدُ الأَعْلَى بْنُ وَاصِلِ بْنِ عَبْدِ الأَعْلَى، قَالَ حَدَّثَنَا يَعْلَى، قَالَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ إِسْحَاقَ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ سَعِيدٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏"‏ إِذَا نَسِيتَ الصَّلاَةَ فَصَلِّ إِذَا ذَكَرْتَ فَإِنَّ اللَّهَ تَعَالَى يَقُولُ ‏{‏ أَقِمِ الصَّلاَةَ لِذِكْرِي ‏}‏ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ عَبْدُ الأَعْلَى حَدَّثَنَا بِهِ يَعْلَى مُخْتَصَرًا ‏.‏
It was narrated that Abu Hurairah said:The Messenger of Allah (ﷺ) said: If you forget a prayer, pray it when you remember it, for Allah says: "and perform the Salah for My remembrance." [1] [1] Ta-Ha 20:
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · The Book of the Times (of Prayer)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।