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सुनन नसाई

नंबर 566

नंबर 566किताब 6, नंबर 73
أَخْبَرَنَا مُجَاهِدُ بْنُ مُوسَى، قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ عُيَيْنَةَ، عَنْ ضَمْرَةَ بْنِ سَعِيدٍ، سَمِعَ أَبَا سَعِيدٍ الْخُدْرِيَّ، يَقُولُ نَهَى رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم عَنِ الصَّلاَةِ بَعْدَ الصُّبْحِ حَتَّى الطُّلُوعِ وَعَنِ الصَّلاَةِ بَعْدَ الْعَصْرِ حَتَّى الْغُرُوبِ ‏.‏
It was narrated from Damrah bin Sa'eed that he heard Abu Sa'eed Al-Khudri say:"The Messenger of Allah (ﷺ) forbade praying after Subh until the sun had risen, and praying after 'Asr until the sun had set
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · The Book of the Times (of Prayer)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।