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सुनन नसाई

नंबर 557

नंबर 557किताब 6, नंबर 64
أَخْبَرَنِي مُوسَى بْنُ سُلَيْمَانَ بْنِ إِسْمَاعِيلَ بْنِ الْقَاسِمِ، قَالَ حَدَّثَنَا بَقِيَّةُ، عَنْ يُونُسَ، قَالَ حَدَّثَنِي الزُّهْرِيُّ، عَنْ سَالِمٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ مَنْ أَدْرَكَ رَكْعَةً مِنَ الْجُمُعَةِ أَوْ غَيْرِهَا فَقَدْ تَمَّتْ صَلاَتُهُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Salim, from his father, that the Prophet (ﷺ) said:"Whoever catches up with with a Rak'ah of Jumu'ah or any other (prayer), his prayer is complete
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · The Book of the Times (of Prayer)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।