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सुनन नसाई

नंबर 550

नंबर 550किताब 6, नंबर 57
أَخْبَرَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ مُحَمَّدٍ، وَمُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، - وَاللَّفْظُ لَهُ - قَالاَ حَدَّثَنَا يَحْيَى، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ سَعِيدٍ، قَالَ حَدَّثَنِي عَبْدُ الرَّحْمَنِ الأَعْرَجُ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ مَنْ أَدْرَكَ سَجْدَةً مِنَ الصُّبْحِ قَبْلَ أَنْ تَطْلُعَ الشَّمْسُ فَقَدْ أَدْرَكَهَا وَمَنْ أَدْرَكَ سَجْدَةً مِنَ الْعَصْرِ قَبْلَ أَنْ تَغْرُبَ الشَّمْسُ فَقَدْ أَدْرَكَهَا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Hurairah that the Prophet (ﷺ) said:"Whoever catches up with a prostration of Subh before the sun rises, then he has caught up with it; and whoever catches up with a prostration of 'Asr before the sun sets, then he has caught up with it
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · The Book of the Times (of Prayer)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।