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सुनन नसाई

नंबर 5519

नंबर 5519किताब 50, नंबर 92
أَخْبَرَنَا أَحْمَدُ بْنُ حَفْصٍ، قَالَ حَدَّثَنِي أَبِي قَالَ، حَدَّثَنِي إِبْرَاهِيمُ، عَنْ سُفْيَانَ بْنِ سَعِيدٍ، عَنْ أَبِي حَسَّانَ، عَنْ جَسْرَةَ، عَنْ عَائِشَةَ، أَنَّهَا قَالَتْ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ اللَّهُمَّ رَبَّ جِبْرَائِيلَ وَمِيكَائِيلَ وَرَبَّ إِسْرَافِيلَ أَعُوذُ بِكَ مِنْ حَرِّ النَّارِ وَمِنْ عَذَابِ الْقَبْرِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that 'Aishah said:"The Messenger of Allah [SAW] said: 'Allahumma, rabba jibra'ila, wa mika'ila wa rabba israfila, a'udhu bika min harrin-nari wa (min) 'adhabil-qabr (O Allah, Lord of Jibra'il and Mika'il and Lord of Israfil, I seek refuge in You from the heat of the Fire and (from) the torment of the grave
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • HasanAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 50 · The Book of Seeking Refuge with Allah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।