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सुनन नसाई

नंबर 455

नंबर 455किताब 5, नंबर 8
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ، عَنْ مَالِكٍ، عَنْ صَالِحِ بْنِ كَيْسَانَ، عَنْ عُرْوَةَ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ فُرِضَتِ الصَّلاَةُ رَكْعَتَيْنِ رَكْعَتَيْنِ فَأُقِرَّتْ صَلاَةُ السَّفَرِ وَزِيدَ فِي صَلاَةِ الْحَضَرِ ‏.‏
It was narrated that 'Aishah said:"The Salah was enjoined two Rak'ahs at a time, then the Salah when traveling remained like that, but the Salah while resident was increased
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · The Book of Salah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।