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सुनन नसाई

नंबर 5180

नंबर 5180किताब 48, नंबर 141
أَخْبَرَنِي هَارُونُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الصَّمَدِ بْنُ عَبْدِ الْوَارِثِ، قَالَ حَدَّثَنَا حَرْبٌ، - وَهُوَ ابْنُ شَدَّادٍ - عَنْ يَحْيَى، قَالَ حَدَّثَنِي عَمْرُو بْنُ سَعْدٍ الْفَدَكِيُّ، أَنَّ نَافِعًا، أَخْبَرَهُ قَالَ حَدَّثَنِي ابْنُ حُنَيْنٍ، أَنَّ عَلِيًّا، حَدَّثَهُ قَالَ نَهَانِي رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم عَنْ ثِيَابِ الْمُعَصْفَرِ وَعَنْ خَاتَمِ الذَّهَبِ وَعَنْ لُبْسِ الْقَسِّيِّ وَأَنْ أَقْرَأَ وَأَنَا رَاكِعٌ ‏.‏ خَالَفَهُ اللَّيْثُ بْنُ سَعْدٍ ‏.‏
Ibn Hunain narrated that 'Ali said to him:"The Messenger of Allah [SAW] forbade me (from wearing) garments dyed with safflower, and from gold rings, and from wearing Al-Qassi, and that I recite Qur'an while I am bowing
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 48 · The Book of Adornment

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।