सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 5052

नंबर 5052किताब 48, नंबर 13
أَخْبَرَنَا مَحْمُودُ بْنُ غَيْلاَنَ، قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، أَخُو قَبِيصَةَ وَمُعَاوِيَةُ بْنُ هِشَامٍ قَالاَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، قَالَ حَدَّثَنَا عَاصِمُ بْنُ كُلَيْبٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ وَائِلِ بْنِ حُجْرٍ، قَالَ أَتَيْتُ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم وَلِي شَعْرٌ فَقَالَ ‏"‏ ذُبَابٌ ‏"‏ ‏.‏ فَظَنَنْتُ أَنَّهُ يَعْنِينِي فَأَخَذْتُ مِنْ شَعْرِي ثُمَّ أَتَيْتُهُ فَقَالَ لِي ‏"‏ لَمْ أَعْنِكَ وَهَذَا أَحْسَنُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Wa'il bin Hujr said:"I came to the Prophet [SAW] and I had hair. He said: 'This is bad,' and I thought he meant me, so I cut my hair then I came to him. He said to me: 'I didn't mean you, but this is better
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih IsnaadAbu Ghuddah
  • Sahih IsnaadAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 48 · The Book of Adornment

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।