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सुनन नसाई

नंबर 5019

नंबर 5019किताब 47, नंबर 35
أَخْبَرَنَا إِسْمَعِيلُ بْنُ مَسْعُودٍ قَالَ حَدَّثَنَا خَالِدٌ يَعْنِي ابْنَ الْحَارِثِ عَنْ شُعْبَةَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ جَبْرٍ عَنْ أَنَسٍ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ حُبُّ الْأَنْصَارِ آيَةُ الْإِيمَانِ وَبُغْضُ الْأَنْصَارِ آيَةُ النِّفَاقِ
It was narrated from Anas that:The Prophet [SAW] said: "Love for Ansar is a sign of Faith, and hatred for Ansar is a sign of hypocrisy
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 47 · The Book Of Faith and its Signs

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।