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सुनन नसाई

नंबर 5018

नंबर 5018किताब 47, नंबर 34
أَخْبَرَنَا يُوسُفُ بْنُ عِيسَى قَالَ أَنْبَأَنَا الْفَضْلُ بْنُ مُوسَى قَالَ أَنْبَأَنَا الْأَعْمَشُ عَنْ عَدِيٍّ عَنْ زِرٍّ قَالَ قَالَ عَلِيٌّ إِنَّهُ لَعَهْدُ النَّبِيِّ الْأُمِّيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِلَيَّ أَنَّهُ لَا يُحِبُّكَ إِلَّا مُؤْمِنٌ وَلَا يَبْغُضُكَ إِلَّا مُنَافِقٌ
It was narrated that Zirr said:'Ali said: "The Unlettered Prophet [SAW] made a covenant with me, that none but a believer would love me, and none but a hypocrite would hate me
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 47 · The Book Of Faith and its Signs

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।