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सुनन नसाई

नंबर 5008

नंबर 5008किताब 47, नंबर 24
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ، قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ قَيْسِ بْنِ مُسْلِمٍ، عَنْ طَارِقِ بْنِ شِهَابٍ، قَالَ قَالَ أَبُو سَعِيدٍ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ مَنْ رَأَى مُنْكَرًا فَلْيُغَيِّرْهُ بِيَدِهِ فَإِنْ لَمْ يَسْتَطِعْ فَبِلِسَانِهِ فَإِنْ لَمْ يَسْتَطِعْ فَبِقَلْبِهِ وَذَلِكَ أَضْعَفُ الإِيمَانِ ‏"‏ ‏.‏
Abu Sa'eed said:"I heard the Messenger of Allah [SAW] say: 'Whoever among you sees an evil, let him change it with his hand; if he cannot, then with his tongue; if he cannot, then with his heart- and that is the weakest of Faith
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 47 · The Book Of Faith and its Signs

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।