सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 5007

नंबर 5007किताब 47, नंबर 23
أَخْبَرَنَا إِسْحَاقُ بْنُ مَنْصُورٍ، وَعَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنِ الأَعْمَشِ، عَنْ أَبِي عَمَّارٍ، عَنْ عَمْرِو بْنِ شُرَحْبِيلَ، عَنْ رَجُلٍ، مِنْ أَصْحَابِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مُلِئَ عَمَّارٌ إِيمَانًا إِلَى مُشَاشِهِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from 'Amr bin Shurahbil,:That one of the Companions of the Prophet [SAW] said: "The Messenger of Allah [SAW] said: 'Ammar's heart overflows with Faith
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 47 · The Book Of Faith and its Signs

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।