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सुनन नसाई

नंबर 4994

नंबर 4994किताब 47, नंबर 10
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ، قَالَ حَدَّثَنَا حَمَّادٌ، عَنْ عَمْرٍو، عَنْ نَافِعِ بْنِ جُبَيْرِ بْنِ مُطْعِمٍ، عَنْ بِشْرِ بْنِ سُحَيْمٍ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم أَمَرَهُ أَنْ يُنَادِيَ أَيَّامَ التَّشْرِيقِ ‏ "‏ أَنَّهُ لاَ يَدْخُلُ الْجَنَّةَ إِلاَّ مُؤْمِنٌ وَهِيَ أَيَّامُ أَكْلٍ وَشُرْبٍ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Bishr bin Suhaim that:The Prophet [SAW] commanded him to call out on the days of At-Tashriq that no one would enter Paradise except a believer, and that these were the days of eating and drinking
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 47 · The Book Of Faith and its Signs

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।