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सुनन नसाई

नंबर 4934

नंबर 4934किताब 46, नंबर 65
أَخْبَرَنَا أَبُو بَكْرٍ، مُحَمَّدُ بْنُ إِسْمَاعِيلَ الطَّبَرَانِيُّ قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ بَحْرٍ أَبُو عَلِيٍّ، قَالَ حَدَّثَنَا مُبَارَكُ بْنُ سَعِيدٍ، عَنْ يَحْيَى بْنِ أَبِي كَثِيرٍ، قَالَ حَدَّثَنِي عِكْرِمَةُ، أَنَّ امْرَأَةً، أَخْبَرَتْهُ أَنَّ عَائِشَةَ أُمَّ الْمُؤْمِنِينَ أَخْبَرَتْهَا أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ تُقْطَعُ الْيَدُ فِي الْمِجَنِّ ‏"‏ ‏.‏
Aishah, the mother of the believers, narrated that the Messenger of Allah said:"The hand (of the thief) is not to be cut off for a shield
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih LighairihiAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 46 · The Book of Cutting off the Hand of the Thief

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।