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सुनन नसाई

नंबर 4907

नंबर 4907किताब 46, नंबर 38
أَخْبَرَنَا يُونُسُ بْنُ عَبْدِ الأَعْلَى، قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ، قَالَ حَدَّثَنَا حَنْظَلَةُ، أَنَّ نَافِعًا، حَدَّثَهُمْ أَنَّ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عُمَرَ قَالَ قَطَعَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فِي مِجَنٍّ ثَمَنُهُ ثَلاَثَةُ دَرَاهِمَ ‏.‏ قَالَ أَبُو عَبْدِ الرَّحْمَنِ هَذَا الصَّوَابُ ‏.‏
Abdullah bin 'Umar said:"The Messenger of Allah cut off (a thief's hand) for a shield which was worth three Dirham." (Sahih) Abu 'Abdur-Rahman (An-Nasai) said: This is correct
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 46 · The Book of Cutting off the Hand of the Thief

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।