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सुनन नसाई

नंबर 4906

नंबर 4906किताब 46, नंबर 37
أَخْبَرَنَا عَبْدُ الْحَمِيدِ بْنُ مُحَمَّدٍ، قَالَ حَدَّثَنَا مَخْلَدٌ، قَالَ حَدَّثَنَا حَنْظَلَةُ، قَالَ سَمِعْتُ نَافِعًا، قَالَ سَمِعْتُ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عُمَرَ، يَقُولُ قَطَعَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فِي مِجَنٍّ قِيمَتُهُ خَمْسَةُ دَرَاهِمَ ‏.‏ كَذَا قَالَ ‏.‏
Abdullah bin 'Amr said:"The Messenger of Allah cut off (a thief's hand) for a shield which was worth five Durham's." This is how he (the narrator) said it. (Daif)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 46 · The Book of Cutting off the Hand of the Thief

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।