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सुनन नसाई

नंबर 4868

नंबर 4868किताब 45, नंबर 163
أَخْبَرَنَا عَبْدَةُ بْنُ عَبْدِ الرَّحِيمِ، قَالَ أَنْبَأَنَا ابْنُ شُمَيْلٍ، قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، قَالَ أَنْبَأَنَا فِرَاسٌ، قَالَ سَمِعْتُ الشَّعْبِيَّ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرٍو، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ الْكَبَائِرُ الإِشْرَاكُ بِاللَّهِ وَعُقُوقُ الْوَالِدَيْنِ وَقَتْلُ النَّفْسِ وَالْيَمِينُ الْغَمُوسُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from 'Abdullah bin 'Amr that the Prophet said:"The major sins are: associating others with Allah, disobeying parents, killing a souls (murder) and swearing a false oath knowingly
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih BukhariZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 45 · The Book of Oaths (qasamah), Retaliation and Blood Money

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।