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सुनन नसाई

नंबर 4867

नंबर 4867किताब 45, नंबर 162
أَخْبَرَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ أَنْبَأَنَا النَّضْرُ بْنُ شُمَيْلٍ، قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي بَكْرٍ، قَالَ سَمِعْتُ أَنَسًا، يَقُولُ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ح وَأَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الأَعْلَى قَالَ حَدَّثَنَا خَالِدٌ قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي بَكْرٍ عَنْ أَنَسٍ عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ الْكَبَائِرُ الشِّرْكُ بِاللَّهِ وَعُقُوقُ الْوَالِدَيْنِ وَقَتْلُ النَّفْسِ وَقَوْلُ الزُّورِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that 'Ubaidullah bin abi Bakr said:"I heard Ana's say: 'The Messenger of Allah said: 'the major sins are; associating others with Allah (shirk), disobeying one's parents, killing a soul (murder) and speaking falsely
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 45 · The Book of Oaths (qasamah), Retaliation and Blood Money

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।