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सुनन नसाई

नंबर 4852

नंबर 4852किताब 45, नंबर 147
أَخْبَرَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ مَسْعُودٍ، قَالَ حَدَّثَنَا خَالِدُ بْنُ الْحَارِثِ، قَالَ حَدَّثَنَا حُسَيْنٌ الْمُعَلِّمُ، عَنْ عَمْرِو بْنِ شُعَيْبٍ، أَنَّ أَبَاهُ، حَدَّثَهُ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرٍو، قَالَ لَمَّا افْتَتَحَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم مَكَّةَ قَالَ فِي خُطْبَتِهِ ‏ "‏ وَفِي الْمَوَاضِحِ خَمْسٌ خَمْسٌ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from 'Amr bin Shu'aib that his father told him that 'Abdullah bin 'Amr said:"When the Messenger of Allah (ﷺ) conquered Makkah , he said in his Khutbah: 'For any wound that exposes the bone, the diyah is five (camels) each
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan SahihAbu Ghuddah
  • Hasan SahihAl-Albani
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 45 · The Book of Oaths (qasamah), Retaliation and Blood Money

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।