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सुनन नसाई

नंबर 4845

नंबर 4845किताब 45, नंबर 140
أَخْبَرَنَا الْحُسَيْنُ بْنُ مَنْصُورٍ، قَالَ حَدَّثَنَا حَفْصٌ، - وَهُوَ ابْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ الْبَلْخِيُّ - عَنْ سَعِيدٍ، عَنْ غَالِبٍ التَّمَّارِ، عَنْ حُمَيْدِ بْنِ هِلاَلٍ، عَنْ مَسْرُوقِ بْنِ أَوْسٍ، عَنْ أَبِي مُوسَى، قَالَ قَضَى رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم أَنَّ الأَصَابِعَ سَوَاءٌ عَشْرًا عَشْرًا مِنَ الإِبِلِ ‏.‏
It was narrated that Abu Musa said:"The Messenger of Allah ruled that the fingers are the same and (the Diyah is ) ten camels for each
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 45 · The Book of Oaths (qasamah), Retaliation and Blood Money

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।